रविवार, 13 दिसंबर 2020

 

झारखंड में पंचायत चुनाव 2020: जनवरी से अफसरों के हाथ गाँव की सरकार, पड़ावगी केंद्रीय मदद

रांची:  दिसंबर में ही राज्य में 'गांव की सरकार' का कार्यकाल खत्म हो जाएगा। इसके बाद 'गांव की सरकार' की कमान अफसरों के हाथ में होगी। 64700 जनप्रतिनिधियों के पूरे अधिकार अफसरों के पास होंगे। गांवों को फिर से अपनी सरकार के बनने का इंतजार होगा। बताते चले कि दिसंबर 2015 में पंचायत चुनाव हुआ था और पांच साल का कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो जाएगा। ऐसे में फिर से गांव की सरकार के लिए चुनाव संपन्न होने का इंतजार रहेगा। दिसंबर का आधा महीना बीत गया। फिर भी राज्य स्तर पर पंचायत चुनाव को लेकर कोई सुगबुगाहट नहीं है। इसके बारे में कोई तैयारी नहीं है। ऐसे में राज्य के करीब 32620 गांव और उनकी जनप्रतिनिधि सरकार के अगले कदम की ओर टकटकी लगाये गए हैं। झारखंड में तीसरी बार पंचायत चुनाव हो रहे हैं। चुनाव की तिथि को लेकर जनप्रतिनिधियों में बेचैनी है।

गांव की सरकार की कमान संभालनेवाले जनप्रतिनिधियों के 10 साल तो अधिकार मांगते- मांगते गुजरते चले गए। अब आने वाले पांच साल यानी तीसरे बार अधिकार के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ने को तैयार हैं। उन्हें कुल 14 विभागों के 29 विषय का अधिकार देना था। कागज पर तो अधिकार दे दिये गये, पर वास्तव में आज भी वे अधिकार मांग रहे हैं।

10 हजार करोड़ मिले 10 साल में, चुनाव नहीं होने पर विकास होगा बाधित

पिछले 10 वर्षों में 10000 करोड़ से अधिक राशि केंद्र सरकार से पंचायतों में विकास के लिए मिली है। तीसरे दफा चुनाव के बाद 15 वें वित्त आयोग से फिर बड़ी राशि मिलेगी। वर्ष 2015-16 से लेकर वर्ष 2019-20 में 6046 करोड़ 14 वें वित्त आयोग से मिले हैं। इस बार 15 वें वित्त आयोग से राशि में और इजाफा होने की संभावना है। लेकिन चुनाव नहीं हुए, तो केंद्रीय मदद रुक जाएगी। इससे गांवों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

पंचायत चुनाव पर फैक्टशीट

पहली बार चुनाव

दिसंबर 2010

दूसरा बार का चुनाव

दिसंबर 2015

पदों की स्थिति

जिला परिषद सदस्यों की संख्या 545

पंचायत समिति सदस्य 5,423

ग्राम पंचायत मुखिया 4,402

ग्राम पंचायत सदस्य 54,330

कुल 64,700

अब तक जो राशि केंद्र से मिली है

4,000 करोड़ से अधिक राशि मिली। वर्ष 2010 से 2015 के बीच। बैकवर्ड रीजन ग्रांट फंड (बीआरजीएफ) से राज्य सरकार को अनुदान मिला। 6,046 करोड़ मिले वर्ष 2015 से 2020 के बीच 14 वें वित्त आयोग से।

वर्षवार भारत सरकार से जो राशि झारखंड को मिली (राशि करोड़ में) वर्ष बेसिक ग्रांट पर प्रदर्शनेंस ग्रांट कुल

2015-16 652.83 00 652.83

2016-17 903.96 118.57 1022.53

2017-18 1044.45 134.18 1178.63

2018-19 1208.24 152.38 1360.62

2019-20 1632.59 199.53 1832.12

कुल 5442.07 604.66 6046.73

प्रावधान देख रही है सरकार, जनवरी तक कार्यकाल बढ़ाने का विचार

इधर, मुखिया संघ की ओर से यह मांग उठ रही है कि जब तक पंचायत चुनाव सरकार नहीं कराती है, तब तक के लिए उन्हें अवधि विस्तार किया जाए। यानी पंचायती व्यवस्था के पुनर्गठन तक अवधि विस्तार मिला। सरकार झारखंड मुखिया संघ की मांग पर विचार कर रही है। यह देखा जा रहा है कि जनवरी के पहले सप्ताह तक अवधि बढ़ाई जा सकती है या नहीं। प्रावधान है या नहीं। पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि चुनाव जल्द कराने का प्रयास होगा।


गुरुवार, 10 दिसंबर 2020

 

देवीपुर : बुढ़ैई मेला घूमने गयी युवती से सामूहिक दुष्कर्म

देवीपुर : बुढ़ैई मेला घूमने गयी युवती से सामूहिक दुष्कर्म

देवीपुर प्रतिनिधि

थाना क्षेत्र अंतर्गत लंबा गांव निवासी एक युवती गत 5 दिसंबर को बुढ़ैई पहाड़ पर लगा मेला घूमने गयी थी। वहीं युवती के दूर के रिश्तेदार मोहनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत भंगियापहाड़ी निवासी सुमन दास और विकास दास अपने साथ अज्ञात स्थान पर ले जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के दो दिन बाद उसे गांव के निकट लाकर छोड़ दिया। पीड़ित युवती ने घरवालों को आपबीती सुनायी। उसके बाद युवती के पिता ने थाना प्रभारी करूणा सिंह को आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी करूणा सिंह के निर्देश पर पीएसआई धीरेन्द्र कुमार यादव, एएसआई शंभू शर्मा ने सुरक्षाबलों के साथ मोहनपुर थाना प्रभारी लक्ष्मी प्रसाद मंडल के सहयोग से दोनों आरोपियों को सोमवार रात गिरफ्तार कर थाना लाया गया। घटना के बाबत भादवि की धारा 376 के तहत कांड संख्या-216/20 दर्ज कर ली गयी है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। वहीं पीड़ित लड़की को मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दर्ज कराने के साथ मेडिकल रिपोर्ट के लिए देवघर कोर्ट भेजा गया है।

 

जसीडीह : ट्रेन में छूटी अटैची, रेल पुलिस ने लौटाया

जसीडीह : ट्रेन में छूटी अटैची, रेल पुलिस ने लौटाया

जसीडीह प्रतिनिधि

उड़ीसा से दानापुर तक का सफर कर रही एक महिला यात्री का अटैची ट्रेन में ही छूट गया। इसकी सूचना मिलते ही जसीडीह आरपीएफ ने ट्रेन से महिला की अटैची बरामद कर सौंप दिया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि खुशबू कुमारी संबलपुर उड़ीसा की रहने वाली है। साउथ बिहार एक्सप्रेस से झाड़सुगुड़ा से दानापुर जाने के क्रम में ट्रेन में बर्थ बदलने के दौरान उनका बैग छूट गया। इसकी सूचना पीड़िता ने ट्रेन में चल रहे स्कॉर्ट पार्टी व टीटीई को दी। उसके बाद अटैची बरामद कर ली गयी। जसीडीह स्टेशन पर ट्रेन आने के बाद आरपीएफ को अटैची सौंप दी गयी। बरामद अटैची को आरपीएफ ने परिजन को सूचना उपरांत समान को पीड़िता को सौंप दिया है। आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके मिश्र ने बताया कि अटैची में 20 हजार 400 रुपए नकद समेत अन्य सामान कुल 50 हजार की संपत्ति थी जो सही-सलामत पीड़िता को सुपुर्द कर दिया गया है।

सोमवार, 30 नवंबर 2020



 

 * सूचना भवन, देवघर *

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* जिला लोकपाल कार्यालय *

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* दिनांक -30.11.2020 *

* प्रेस के -2100 *

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★ · प्रशासन और आम परिवारों के बीच के दूरी को कम करने का प्रयास #TalkToDC: - उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री…। *

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● "जनता की समस्याओं को दूर करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता- उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री .... *

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● • मेरे समन्वय के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करें- उपायुक्त .... *

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कोरोना काल में जिलावासियों की युक्तियां और समस्याओं के निराकरण के उद्देश्य से आज दिनांक 30.11.2020 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजुनाथ भजंत्री की बैठक में समशीतल सभागार से * # TalkToDC / ऑनलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिले के सभी दसों प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी और सीएससी केंद्रों के माध्यम से जिले के 80 पंचायत के लोगों ने उपायुक्त से ऑफ़लाइन मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।

  इसके अलावे * # TalkToDC * कार्यक्रम के दौरान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा। इस दौरान उपायुक्त द्वारा उपस्थित लगभग सभी लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनी गयी और अश्वासन दिया गया कि उनकी सभी शिकायतों की जल्द से जल्द जाँच कराएँ शिकायतों का समाधान किया जाएगा।

  ज्ञात हो कि उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री के पहल के पश्चात आज से सप्ताह के हर सोमवार को ऑनलाइन #TalkToDC कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा।

इसके अलावे *#TalkToDC* कार्यक्रम के माध्यम सभी शिकायतकर्ता की समस्याएँ को सुनने के पश्चात उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को कड़े शब्दों में निदेशित किया गया कि सभी आवेदनों का भौतिक सत्यापन करते हुए, समस्याओं का समाधान जल्द से जल्द करें। इसके अलावे उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के अंदर अपना प्रतिपुष्टि उपायुक्त कार्यालय को समर्पित करे, ताकि शिकायतों के निष्पादन की प्रक्रिया पुरी तरह से पारदर्शी रहे। 

 जनता दरबार के दौरान उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने लोगो पूर्ण भरोसा दिलाया कि आपकी समस्याओं को दूर करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। जिला प्रशासन विधि सम्मत आपकी हर समस्याओं को दूर करने का प्रयास करेगा। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम से जुड़े लोगों को जानकारी देते हुए कहा कि हरेक सोमवार को पंचायत स्तर में आपकी समस्याओं की समाधान हेतु #TalkToDC कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। आप सभी से आग्रह होगा कि वैसे लोग जो कोरोना काल में जो लोग अपनी शिकायत जिला प्रशासन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं, वैसे लोगों को जागरूक करें, ताकि सभी लोगों की समस्याओं को दूर किया जा सके। इसके अलावे उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं व योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान के अंतिम व्यक्ति को मिले। इस पर विशेष ध्यान दें।

*■ चल रहे योजनाओं का लाभ ससमय मिले लाभुकों को साथ हीं ऐसी शिकायतों का त्वरित गति से करें समाधानः- उपायुक्त....*

 #TalkToDC कार्यक्रम के दौरान पीएम आवास योजना, शौचालय से संबंधित शिकायतों को लेकर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया कि मामले का सही तरीके से त्वरित जाँच करते हुए आवश्यक कार्रवाई कर उपायुक्त कार्यालय को रिपोर्ट समर्पित करें। इसके अलावे पेंशन व राशन कार्ड से जुड़े शिकायतों को लेकर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निदेशित किया किऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करते हुए लाभुकों को उनका हक जल्द से जल्द दिया जाय। इसके अलावे विभिन्न शिकायतों का निष्पादन उपायुक्त द्वारा मौके पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को #TalkToDC कार्यक्रम से जोड़कर किया गया। 

*■ जाँच अभियान के माध्यम से सम्पन्न परिवारों के विरूद्ध दर्ज की जायेगी प्राथमिकी....*

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#TalkToDC कार्यक्रम के दौरान जिले के वैसे राशन कार्डधारियों पर सख्त संज्ञान लेते हुए उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निर्देशित किया कि जिला स्तर पर सघन जांच अभियान का आयोजन करते हुए अवैध या गलत तरीके से राशनकार्ड का लाभ ले रहे लोगों को चिन्हित कर कड़ी करवाई करते हुए अनाज की वसूली 10 प्रतिशत ब्याज के साथ करें। 

*■ गलत तरीके से बनाये गये राशन कार्ड को रद्द कर असहाय व गरीब परिवारों को निर्गत किया जायेगा राशन कार्डः-उपायुक्त....*

 इस संदर्भ में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री मंजुनाथ भजंत्री ने कहा है कि वैसे सम्पन्न परिवार जिन्हें किसी प्रकार की कमी नहीं है, वैसे लोग राशन कार्ड का लाभ न लें। यदि किसी व्यक्ति के द्वारा गलत तरीके से धोखाधड़ी कर राशन कार्ड निर्गत करा लिया गया है तो वे अपना राशन कार्ड प्रत्यार्पित कर दें अन्यथा उनके विरूद्ध विधिसम्मत शख्त कार्रवाई की जायेगी।

* इस दौरान उपरोक्त के अलावे * डीआरडीए डायरेक्टर श्रीमती नयनतारा केरकेट्टा, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी श्री ए.बी रॉय, कार्यपालक दण्डाधिकारी सुश्री मीनाक्षी भगत, जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्री विशाल दीप खलखो, सहायक जन संपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी, सीएससी प्रबंधक सत्यम कुमार कुमार संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित थे।

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* # * UseMaskStaySafe

* # * CleanDeogharGreenDeoghar

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* # TeamPRD (देवघर) *

रविवार, 29 नवंबर 2020




 

मैच के दौरान भारतीय फैन ने किया ऑस्ट्रेलियाई युवती को प्रपोज, खिलाड़ी भी तालियां बजाने लगे

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच तीन मैचों की वन-डे सीरीज का दूसरा मुकाबला सिडनी में खेला जा रहा है। इस मैच के दौरान भारतीय फैन ने सबके सामने ऑस्ट्रेलियाई युवती को प्रपोज किया, जिसे देखकर वहां पर मौजूद सभी लोग तालियां बजाने लगे।फैन ने युवती को पहले प्रपोज किया, फिस उसके सामने घुटनों के बल बैठकर रिंग पेश की। इसके बाद फिर दोनों एक दूसरे को गले लगे। इस सीन को देखकर मैदान में मौजूद ग्लेन मैक्सवेल भी ताली बजाने लगे। 
बता दें कि आज के इस मुकाबले में मेजबान ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने 50 ओवर्स में चार विकेट के नुकसान पर 389 रन बनाए। कंगारू टीम की तरफ से स्टीव स्मिथ ने शानदार 104 रन की शतकीय पारी खेली।
वहीं, डेविड वार्नर (83) और मार्नस लाबूशाने ने 70 रन बबनाए। इसके जवाब में भारत ने खबर लिखे जाने तक 33 ओवरों में तीन विकेट खोकर 214 रन बना लिए हैं। मालूम हो कि पहला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया ने 66 रन से जीता था। 



 

कोई भी नहीं भरा! कुछ ऐसा ही हुआ लालू यादव के कथित तौर पर जांच में ... जानिए क्या लिखा है रिपोर्ट में

झारखंड समाचार: बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले लालू यादव (लालू प्रसाद यादव) के बीजेपी विधायक ललन पासवान (भाजपा विधायक ललन पासवान) को जेल से फोन करने का कथित ऑड वायरल (लालू यादव ऑडियो कोर्ट केस) होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद जेल आईजी ने जिला प्रशासन से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। जिसमें जेल प्रशासन की ओर से रांची के उपायुक्त को मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी गई चारा घोटाला मामला (खाद्य पदार्थ घोटाला) में सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ( लालू प्रसाद यादव ) के कथित ऑड वायरल मामले में सियासी घमासान लगातार जारी है। इस बीच जेल प्रशासन ने वायरल ऑड को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें लालू यादव की सुरक्षा में तैनात जवानों की लापरवाही का अंदेशा जताया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में मोबाइल पर बातचीत करने की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है।जेल प्रशासन ने वायरल ऑड को लेकर अपनी रिपोर्ट सौंपी

हाल ही में बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव से ठीक पहले लालू यादव के बीजेपी विधायक ललन पासवान को जेल से फोन करने का कथित ऑड वायरल होने का मामला सामने आया था। जिसके बाद जेल आईजी ने जिला प्रशासन से मामले की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद रांची के उपायुक्त छवि रंजन ने इस संबंध में जेल अधीक्षक से रिपोर्ट मांगी। उपायुक्त ने जेल अधीक्षक से पूछा था कि क्या सच में लालू यादव के मामले में जेल में का उल्लंघन हो रहा है? लालू प्रसाद तक मोबाइल कैसे पहुंचा, इसकी रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर जमा करने को कहा गया था।रिपोर्ट में मोबाइल पर बातचीत करने की पुष्टि नहीं है
इस बीच सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जेल प्रशासन की ओर से रांची के उपायुक्त को मामले की जांच रिपोर्ट सौंप दी गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि सुरक्षा में तैनात जवानों की लापरवाही से ही अधिक मोबाइल लालू प्रसाद यादव तक पहुंच गए और उन्होंने कहा कि। हालांकि इसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुई है। जांच रिपोर्ट में मोबाइल पर बातचीत करने की बात स्पष्ट तौर पर नहीं कही गई है।वायरल ऑडियो मामले में बरियातु थाने में शिकायत
इधर, लालू प्रसाद यादव और बीजेपी विधायक ललन पासवान के बीच हुई कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के मामले में रांची के बरियातु थाने में भी बीजेपी नेता अनुरंजन अशोक की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। जिसके बाद रांची पुलिस भी जरूरी कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। रांची पुलिस की ओर से इस मामले में वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक जांच की तैयारी की जा रही है।

गुरुवार, 9 अप्रैल 2020

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत ऐसे किसानों को एक साथ मिलेंगी कई किस्तें, रजिस्ट्रेशन को मंजूरी मिलते ही खाते में आएगी पूरी रकम


 PM Kisan Samman Nidhi Yojana: नियमों के मुताबिक यदि आपने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है और किसी खामी के चलते अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है या रिजेक्ट हो गया है तो फिर जब भी मंजूरी मिलेगी तो आपके खाते में रकम आ जाएगी।पीएम किसान सम्मान निधि के तहत देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में धीरे-धीरे 2,000 रुपये की रकम पहुंचने लगी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 27 मार्च को कोरोना संकट से निपटने के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था। इसी के तहत उन्होंने किसानों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा था कि पीएम किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को अप्रैल के पहले सप्ताह में 2,000 रुपये की रकम मिलेगी। इस ऐलान के तहत करोड़ों किसानों के खाते में राशि ट्रांसफर होने लगी है।अब भी ऐसे बहुत से किसान हैं, जो इससे वंचित हैं। दरअसल इसकी वजह यह है कि तमाम किसानों के रजिस्ट्रेशन को अभी मंजूरी नहीं मिल पाई है। हालांकि ऐसे किसानों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। नियमों के मुताबिक यदि आपने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है और किसी खामी के चलते अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है या रिजेक्ट हो गया है तो फिर जब भी मंजूरी मिलेगी तो आपके खाते में रकम आ जाएगी।

तो एक साथ आ जाएगी पूरी रकम: पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए बने https://pmkisan.gov.in/ पोर्टल पर दी गई जानकारी के मुताबिक यदि किसी किसान ने दिसंबर से मार्च के 4 महीनों के दौरान रजिस्ट्रेशन कराया है और अब तक रकम नहीं आई है तो फिर जब भी उसका पंजीकरण स्वीकार होगा, तब उसके खाते में पिछले टर्म का और अप्रैल महीने का पैसा भी आ जाएगा।जानकारी अपलोड करने की तारीख से माना जाएगा रजिस्ट्रेशन: नियम के मुताबिक यदि कोई भी योग्य लाभार्थी किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराता है और उसे मंजूरी मिलने में देरी होती है तो पंजीकरण की तारीख को तब से ही माना जाएगा, जब उसकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड हुई हो। ऐसी स्थिति में किसान के आवेदन को जब भी मंजूरी मिलेगी, उसके खाते में पूरी रकम ट्रांसफर की जाएगी।

झारखंड में कोरोना के नौ नये मरीज, बोकारो में चार और रांची में पांच

रांची : झारखंड में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. स्थानीय समाचार चैनल के हवाले से , बोकारो में कोरोना चार नये संदिग्ध मरीज मिले हैं. इनमें बोकारो के तेलो गांव की कोरोना पॉजिटिव महिला के चार परिजन शामिल हैं. इधर, रांची में भी पांच लोगों के कोरोना संदिग्ध होने की खबर है. पिछले दिनों बोकारो के चंद्रपुरा स्थित तेलो गांव की 50 वर्षीय महिला अपने पति के साथ बांग्लादेश में तबलीगी जमात की हुई मरकज में शामिल हुई थी. वहां से वह हवाई मार्ग से रांची होकर बोकारो के रास्ते 15 मार्च को तेलो गांव पहुंची थी. उसके साथ चंद्रपुरा के ही चार और लोग भी थे.
झारखंड में अब तक चार मरीजों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हो चुकी है. नौ नये संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो जाती है, तो झारखंड में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ कर 13 हो जायेगी. झारखंड में सबसे पहला कोरोना पॉजिटिव मरीज राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी में मिला था. यह मरीज 22 वर्षीय एक मलेशियाई युवती थी, जो दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के धार्मिक आयोजन में शामिल होने के बाद राजधानी एक्सप्रेस से 17 मार्च को रांची पहुंची थी. इसके बाद हजारीबाग के विष्णुगढ़ के करगालो गांव का 54 वर्षीय एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जो आसनसोल में मजदूरी करता था.
वहीं, तीसरे मरीज के रूप में बोकारो के तेलो गांव की 50 वर्षीय महिला के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई थी. इसके बाद चौथा मरीज रांची के हिंदपीढ़ी में मिला, जो 61 वर्षीय एक महिला है. रांची में मिली दोनों कोरोना पॉजिटिव महिलाओं का इलाज रिम्स के ट्रॉमा सेंटर में बने कोविड-19 अस्पताल में चल रहा है. जबकि दो अन्य मरीजों का इलाज उनके संबंधित जिलों में बने विशेष अस्पतालों में किया जा रहा है.


मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

PM Kisan Yojana प्रधानमंत्री किसान योजना A-Z


Pm Kisan Yojana, पीएम किसान योजना का लाभ कैसे प्रधानमंत्री किसान योजना से सम्बन्धित सम्पूर्ण जानकारी

PM किसान सम्मान निधि योजना

प्रधानमंत्री किसान निधि (PM-KISAN) एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसमें भारत सरकार से 100% वित्त पोषण होता है
PM KISAN YOJANA – किसान योजना 1/12/2018 को शुरू किया गया था (PMKSNY)
PRADHANMANTRI KISAN SAMMAN NIDHI YOJANA इस योजना के तहत देश भर के सभी किसान परिवारों को हर चार महीने में 2000 / – की तीन समान किस्तों में रु .6,000 / – प्रति वर्ष की आय सहायता प्रदान की जाती है।Pm Kisan Yojana योजना के लिए परिवार की परिभाषा पति, पत्नी और नाबालिग बच्चे हैं। लाभार्थी किसान परिवारों की पहचान की पूरी जिम्मेदारी राज्य / केन्द्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ है। फंड सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाता है।

 परिचालन दिशानिर्देश के बहिष्करण मानदंड के तहत कवर किए गए किसान योजना के लाभ के लिए पात्र नहीं हैं।
 
पटवारी / राजस्व अधिकारी / नोडल अधिकारी (पीएम-किसान) से संपर्क करना होगा।
    कॉमन सर्विस सेंटर (CSCs) को फीस के भुगतान पर इस योजना के लिए किसानों का पंजीकरण करने के लिए अधिकृत किया गया है।किसान कॉर्नर के माध्यम से किसान अपना स्व-पंजीकरण भी कर सकते हैं।
    पोर्टल में किसान कॉर्नर के माध्यम से किसान अपने आधार डेटाबेस / कार्ड के अनुसार अपना नाम पीएम-किसान डेटाबेस में भी संपादित कर सकते हैं।
पोर्टल में किसान कॉर्नर के माध्यम से किसान अपने भुगतान की स्थिति भी जान सकते हैं।
इस योजना में कृषि योग्य जमीन वाले किसान ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते है किसानो को सालाना तिन किस्तों में 6000रु दी जाते है

शुक्रवार, 27 मार्च 2020

2 महीने का राशन और खिचड़ी केंद्र, कोरोना से ऐसे जंग लड़ रहा है झारखंड

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को दो महीने का राशन देने का फैसला किया है. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस फैसले से झारखंड के करीब 90 फीसदी परिवार को फायदा मिलेगा.
  • सोरेन सरकार ने जारी किया रेट चार्ज
  • राज्य में खोले जाएंगे 350 खिचड़ी केंद्र
कोरोना से निपटने के लिए पूरा देश लॉकडाउन है. केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लॉकडाउन के दौरान खाने-पीने के सामान की आपूर्ति के लिए खास इंतजाम किए जा रहे हैं. झारखंड ने भी अपनी कमर कस ली है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लाभार्थियों को दो महीने का राशन देने का फैसला किया है.
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस फैसले से झारखंड के करीब 90 फीसदी परिवार को फायदा मिलेगा. लोगों को भरोसा दिलाते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि निश्चिंत रहें, आपका बेटा या भाई झारखंड के लोगों की मदद के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. अभी तक झारखंड में कोरोना का कोई भी मामला नहीं आया है.
रेट चार्ट जारी
झारखंड सरकार ने बुधवार को सार्वजनिक वितरण आउटलेट्स पर आवश्यक वस्तुओं का रेट-चार्ट जारी किया था. रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन का फायदा उठाकर कुछ राशन की दुकानें वस्तुओं के लिए अधिक दाम ले रही है. इसके बाद रेट चार्ट जारी किया गया है. सरकार ने लोगों को यह आश्वासन भी दिया था कि उनके पास कई दिनों का पर्याप्त मात्रा में खाद्य स्टाक है.रांची के उपायुक्त राय महिमापत रे ने कहा कि प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं के लिए लोगों को ऑर्डर देने के लिए एक ऐप - वेजीगो शुरू किया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने आवश्यक वस्तुओं के लिए एक होम डिलीवरी सेवा भी शुरू की है. इस बीच, झारखंड के वित्त, खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामेश्वर उरांव ने संबंधित अधिकारियों से नए राशन कार्डों के वितरण में तेजी लाने और 1 रुपये प्रति किलो की निर्धारित सब्सिडी दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए कह
खुल रहे हैं खिचड़ी केंद्र
रामेश्वर उरांव ने अपने विभाग के अधिकारियों को राज्य भर में 'मुखिया दाल-भात योजना' के तहत 'खिचड़ी' परोसने और जरूरतमंदों को अपने बर्तनों के साथ आने और भीड़ से बचने के लिए घर ले जाने का निर्देश दिया. सीएम हेमंत सोरेन ने कहा था कि लॉकडाउन अवधि के दौरान गरीबों की सेवा के लिए राज्य में 350 'खिचड़ी केंद्र' खोले जाएंगे.

गुरुवार, 26 मार्च 2020

देश8.3 करोड़ परिवार को 3 महीने तक फ्री मिलेगा गैस सिलेंडर, जानिए क्या है कंडीशन

 कोरोनावायरस के खतरे के मद्देनजर आज देशव्यापी लॉकडाउन का दूसरा दिन है. इस बीच. केंद्र सरकार ने गरीबों की मदद के लिए खजाना खोल दिया है. लॉकडाउन से आम आदमी को राहत देने के लिए वित्त मंत्री ने आज 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया है. इस महापैकेज में वैसे तो कई घोषणाएं हैं मगर उसमें से सबसे प्रमुख है फ्री गैस सिलेंडर का. दरअसल, वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 3 महीने तक रसोई गैस सिलेंडर फ्री देने का ऐलान किया है.इससे 8.3 करोड़ महिलाओं का फायदा मिलेगा. वित्त मंत्री ने बताया कि उज्ज्वला योजना के तहत बीपीएल परिवारों को तीन महीने तक फ्री सिलिंडर मिलेगा. इससे देश के 40 करोड़ रुपये परिवारों को फायदा पहुंचेगा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ग्राहकों को मुफ्त गैस कनेक्शन मिलता है. हालांकि इस योजना में बदलाव का लाभ 1 अगस्त 2019 से जुड़ने वाले ग्राहकों को ही मिलेगा. तेल कंपनियों ने जुलाई 2020 तक ईएमआई रिकवरी प्लान टालने का फैसला किया है.उज्ज्वला योजना के तहत ग्राहक को एक स्टोव और एक LPG सिलेंडर देती है. इसकी कुल कीमत 3,200 रुपये है. इसमें 1,600 रुपये की सब्सिडी सरकार देती है. वहीं बाकी 1,600 रुपये तेल कंपनियां ग्राहकों को लोन के रूप में देती है. ग्राहकों को इसका भुगतान ईएमआई के रूप में करना होता है. 14.2 किलो का सिलेंडर खरीदने वाले ग्राहकों को पहले 6 रिफिल पर कोई ईएमआई नहीं देना होगा. सातवें रिफिल से ईएमआई की शुरुआत हो जाएगी. उसी तरह, अगर आप 5 किग्रा का एलपीजी सिलेंडर खरीदते हैं तो शुरुआती 17 रिफिल पर ईएमआई नहीं देना होगा. आपको सब्सिडी की पूरी रकम मिलेगी.

उज्जवला योजना के लिए ऐसे करें आवेदन?

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन लेने के लिए BPL परिवार की कोई महिला आवेदन कर सकती है. इसके लिए आपको KyC फार्म भर कर नजदीकी एलपीजी केंद्र में जमा करना होगा. PMUY में आवेदन के लिए 2 पेज का फॉर्म, जरूरी दस्‍तावेज, नाम, पता, जन धन बैंक अकाउंट नंबर, आधार नंबर आदि की जरूरत पड़ती है. आवेदन करते समय आपको यह भी बताना होगा कि आप 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर लेना चाहते हैं या 5 किलोग्राम का. PMUY का आवेदन पत्र आप प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं. आप नजदीकी एलपीजी केंद्र से भी आवेदन फॉर्म ले सकते हैं.
उज्जवला योजना के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?
पंचायत अधिकारी या नगर निगम पालिका अध्‍यक्ष द्वारा अधिकृत BPL कार्ड
बीपीएल (BPL) राशन कार्ड
फोटो आईडी (आधार कार्ड, वोटर आईडी)
पासपोर्ट साइज की फोटो
राशन कार्ड की कॉपी
राजपत्रित अधिकारी (गैजेटेड अधिकारी) द्वारा सत्यापित स्व-घोषणा पत्र
LIC पालिसी, बैंक स्टेटमेंट
BPL सूची में नाम का प्रिंट आउट

अन्य जरूरी बातें

आवेदक का नाम SECC-2011 के आंकड़ों में होना चाहिए.
आवेदक महिला होनी चाहिए जिसकी उम्र 18 साल से कम ना हो.
महिला बीपीएल (BPL) परिवार से ही होनी चाहिए.
महिला का एक बचत खाता किसी राष्‍ट्रीय बैंक में होना अनिवार्य है.
आवेदक के घर में किसी के नाम से पहले से कोई एलपीजी कनेक्‍शन नहीं होना चाहिए.
आवेदक के पास बीपीएल कार्ड और और बीपीएल राशन कार्ड होना चाहिए.
 वर्तमान में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पूरे देश को लॉक डाउन किया गया है। ऐसे में आम जनता को जरूरी समानों की खरीदारी में हो रही परेशानी को देखते हुए बिग बाजार, विशाल मेगामार्ट के प्रबंधक को हाॅम डिलिवरी के माध्यम से शहरी और आस पास लोगों के घरों तक खाद्यान्न पहुंचाने की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया गया है। आप सभी से आग्रह होगा कि अपने घरों में रहकर ही खाद्यान्नों का क्रय करें, ताकि राशन दुकानों में अत्यधिक भीड़ न एकत्रित हो।

झारखंड में मनरेगा की मजदूरी 23 रुपये रोजाना बढ़ी


झारखंड में मनरेगा मजदूरों की मजदूरी 23 रुपए प्रति दिन बढ़ा दी गई है। इसका फायदा प्रदेश के लगभग 34.71 लाख मनरेगा मजदूरों को मिलेगा। मनरेगा के तहत इतने जॉब कार्डधारी मजदूर फिलहाल सक्रिय हैं। भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने यह फैसला लिया है।
झारखंड में मनरेगा मजदूरों की पगार पहले 171 रुपए प्रति दिन थी। इसे बढ़ाकर 194 रुपए प्रति दिन की गई है। भारत सरकार ने इस फैसले की जानकारी झारखंड सरकार को दे दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव रोहित कुमार ने झारखंड सरकार को इस आशय का पत्र भेजा है। मनरेगा मजदूरी की बढ़ी हुई दर आगामी एक अप्रैल से लागू होगी। एक अप्रैल के बाद मनरेगा की किसी परियोजना में काम करने वाले मजदूरों को 194 रुपए रोजाना की दर पर पगार मिलेगी।
फिर भी झारखंड सरकार की न्यूनतम मजदूरी से कम 
मनरेगा की मजदूरी रोजाना 194 रुपए करने के बावजूद यह झारखंड सरकार की ओर से अकुशल मजदूरों के लिए तय न्यूनतम मजदूरी से कम है। झारखंड सरकार की ओर से तय न्यूनतम मजदूरी 242 रुपए प्रति दिन है। प्रदेश में मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी झारखंड सरकार के बराबर करने की मांग लंबे समय से होती रही है। यह सियासी मुद्दा भी बनता रहा है। मनरेगा की न्यूनतम मजदूरी और झारखंड सरकार की न्यूनतम मजदूरी के अंतर को पाटने के लिए झारखंड सरकार सरकार अपने स्तर से पहल कर सकती है। कुछ राशि राज्य सरकार के फंड से प्रोत्साहन भत्ता के तौर पर दी जा सकती है। यह केंद्र को भेजे जाने वाले मानव दिवस बजट से अलग होगा।
राज्य सरकार ने भेजा था 272 रुपए करने का प्रस्ताव
झारखंड सरकार ने मनरेगा मजदूरों की दैनिक मजदूरी 272 रुपए प्रति दिन करने का प्रस्ताव भेजा था। ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने विधानसभा में इसकी जानकारी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि राज्य सरकार मनरेगा मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बना रही है। जल्दी ही इसके बेहतर परिणाम आने की संभावना है। परंतु, केंद्र सरकार ने झारखंड सरकार के प्रस्ताव को पूरी तरह से नहीं माना। केवल झारखंड की मनरेगा मजदूरी बिहार के बराबर कर दी। ज्ञात हो कि बिहार में भी मनरेगा की मजदूरी 194 रुपए रोजाना ही है।

राजस्थान के भीलवाड़ा में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंचा*

 *राजस्थान के भीलवाड़ा में कोरोना तीसरे स्टेज में पहुंचा*

वो इस तरह समझे.......

ये स्टेज क्या होती हैं?

(नीचे नाम एवं पद काल्पनिक है,डॉक्टर की जगह सेठजी है)

*पहली स्टेज* 1⃣

विदेश से  दिनेश आया। एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा। और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा।
घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया।
वह घर में कैद रहा।
यहां तक कि उसने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

दिनेश की मम्मी ने कहा कि अरे तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचिन में... मैं गरम गरम् परोस दूं।
दिनेश ने मना कर दिया।

अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार दिनेश को गुस्सा आ गया। उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू झलक आये। मम्मी बुरा मान गयीं।

दिनेश ने सबसे अलग थलग रहना चालू रखा।

6-7वें दिन दिनेश को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। दिनेश ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।
उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले।
पड़ोस की 1 किमी की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। ऐसे सब लोगों का टेस्ट भी किया गया। सबने कहा कि नवांकुर को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।
चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था इसीलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया।
दिनेश जवान था। कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार सर्दी खांसी बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।

जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।

यह पहली स्टेज जहां सिर्फ विदेश से आये आदमी में कोरोना है। उसने किसी दूसरे को यह नहीं दिया।
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स्टेज 2-  राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला।
उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों गहने खरीदने के लिए एक ज्वेलर्स पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

सेठजी विदेश से घूमकर आये थे।उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
विदेश से आये इस सेठ  ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
घर में वह सबसे मिला।
शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाई।
और अगले दिन अपनी ज्वेलेरी दुकान पर जा बैठा। (पागल हो क्या! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, ज्वेलर साब अपनी दुकान बंद थोड़े न करेंगे)

6वें दिन ज्वेलर को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।
सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव।
फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
उनमें से एक ग्राहक राजू था।

सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।

डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।
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*स्टेज 3*

मनोज को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।
पर मनोज न तो कभी विदेश गया था।
न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि मनोज को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।

स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।

स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।

 स्रोत नहीं पता तो हम स्रोत को पकड़ नहीं सकते। उसको अलग थलग नहीं कर सकते।
वह स्रोत न जाने कहाँ होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।

*स्टेज 3 बनेगी कैसे?*

सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला....सब अस्पताल को दौड़े।
सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
10 लोग अभी भी नहीं मिले।
पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।
यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

*स्टेज 3 का उपाय*
14 दिन का lockdown
कर्फ्यू लगा दो।
शहर को 14 दिन एकदम तालाबंदी कर दो।
किसी को बाहर न निकलने दो।

इस तालाबंदी से क्या होगा??

हर आदमी घर में बंद है।
जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

हो सकता है कि इस अज्ञात श्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।

अगर LOCKDOWN न होता। तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता। और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता। फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते। इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

*क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले।*
Early lockdown यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो।
यह lockdown 14 दिन से कम का होगा।

उदाहरण के लिए
सेठजी एयरपोर्ट से निकले
उनने धज्जियां उड़ाईं।
घर भर को कोरोना दे दिया।
सुबह उठकर दुकान खोलने गए।
(गजब आदमी हो यार! सीजन का टेम है, लाखों की बिक्री है, अपनी दुकान बंद कैसें कर लें)

पर चूंकि तालाबंदी है।
तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।
डंडा देख सेठजी शटर लटकाकर भागे।

अब चूंकि मार्किट बन्द है।
तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।
सभी बच गए।
राजू भी बच गया।
बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।
6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा। और नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव हैं।

शुक्रवार, 20 मार्च 2020

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में कई विभागों में कर्मियों की काफी कमी है। वहीं, दूसरी ओर कई विभागों में कर्मियों की संख्या ज्यादा है और वे बैठे रहते हैं। सरकार के अनाज गोदामों में न कोई पहरेदार है और न कोई लेखा जोखा रखने वाला है। नियुक्ति की भी बात उठती है। इसलिए प्रशासनिक सुधार आयोग का गठन किया जा रहा है। पारा शिक्षकाें का मामला भी इसी आयाेग में भेजा जाएगा। सरकार पारा शिक्षकों की नियमितिकरण की दिशा में काम कर रही है। आयाेग की अनुशंसा पर ही पारा शिक्षकाें के स्थायीकरण या नियमितीकरण पर फैसला हाेगा। गुरुवार काे सुदेश महताे द्वारा पारा शिक्षकाें काे नियमित करने के लिए ध्यानाकर्षण में सवाल उठाए जाने के बाद शिक्षा मंत्री के जवाब के बीच मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन ने हस्तक्षेप करते हुए ये बात कही।सीएम ने कहा कि हमारी चाहत है कि सभी स्कूलों में टीचर रहें। यहां शिक्षकों की कमी है। इसलिए जो पारा शिक्षक हैं, उनके संबंध में विचार कर निर्णय लिया जाएगा। आवश्यकता होगी तो और बहाली भी करेंगे। लेकिन आयोग के माध्यम से ही सबकुछ आगे बढ़ेगा।हालांकि सीपी सिंह ने इस पर कहा कि सीएम यह साफ नहीं बोल रहे हैं कि पारा शिक्षकों का नियमितिकरण और स्थायीकरण कब होगा, वे सिर्फ लंबा-लंबा दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने फिर से अपनी बाताें काे दुहराते हुए कहा कि 17 साल हो गये लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। आयोग की अनुसंशा आएगी तो इस मामले पर विचार होगा।मुख्यमंत्री के जवाब देने के पहले शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने सुदेश महतो के सवाल का जवाब दिया। उन्हाेंने कहा कि इस सरकार को सभी की चिंता है। पारा टीचर के मामले में सरकार गंभीर है। इसके लिए नियमावली बनाने लिए समिति बनी है। जल्द ही समाधान होगा। पारा शिक्षकों के नियमितीकरण व स्थायीकरण का लगभग 150 मामला हाईकोर्ट में चल रहा है। इस पर सरकार की नजर है। पिछली सरकार ने पारा शिक्षकों पर लाठी बरसायी थी और जेल भी भेजा था, लेकिन हेमंत सरकार न लाठी बरसाएगी और किसी को जेल भेजेगी। सुदेश महतो ने कहा कि इस पर राजनीतिक बयान नहीं बल्कि ठोस निर्णय बताएं। इस पर जगरनाथ महतो ने कहा कि नियमावली बनने के बाद पारा टीचर की सभी मांगों को पूरा किया जाएगा।मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। (फाइल)

झारखंड : अब तक 40 संदिग्धो की जांच, किसी में कोरोना की पुष्टि नहीं

राज्य में गुरुवार को कोरोना के आठ और संदिग्ध मिले हैं। इसमें तीन लोग के सैंपल जमशेदपुर में लिए गए जबकि दो के सैंपल धनबाद में लिए गए। इसके अलावा रिम्स में दो संदिग्ध पहुंचे जिनका सैंपल लिया गया है।...

मंगलवार, 17 मार्च 2020

कीमत एक जैसी पर Jio से ज्यादा फायदे वाले वोडाफोन के प्लान

वोडाफोन-आइडिया और रिलायंस जियो दोनों के पास ही 249 रुपये, 399 रुपये और 599 रुपये वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान हैं। वोडाफोन के इन प्लान में जियो से कहीं ज्यादा डेटा और कॉलिंग बेनेफिट मिल रहे हैं।  टेलिकॉम कंपनियों में ग्राहकों को अपने पाले में करने के लिए कड़ा मुकाबला चल रहा है। कंपनियां नए प्लान लाने के साथ ही पुराने प्लान्स में फायदे बढ़ा रही हैं। वोडाफोन आइडिया ने हाल में अपने 249 रुपये, 399 रुपये और 599 रुपये वाले प्रीपेड प्लान्स में हर दिन मिलने वाला डेटा दोगुना कर दिया है। ज्यादा डेटा मिलने के साथ ही वोडाफोन के ये प्लान्स दूसरों पर 'भारी' हो गए हैं। हमने वोडाफोन और रिलायंस जियो के 249 रुपये, 399 रुपये और 599 रुपये वाले प्लान्स की तुलना की है, तो आइए जानते हैं कि वोडाफोन के प्लान्स में यूजर्स को कौन से ज्यादा बेनेफिट मिल रहे हैं।       वोडा के 249 रुपये वाले प्लान में 28GB ज्यादा डेटा।                
अगर वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो के 249 रुपये वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान की तुलना करें तो दोनों ही प्लान में 28 दिन की वैलिडिटी मिलती है। जियो के इस प्लान में टोटल 56GB डेटा मिलता है। यानी, प्लान में हर दिन 2GB डेटा दिया जाता है। वहीं, वोडाफोन आइडिया के 249 रुपये वाले प्लान में डेटा डेटा ऑफर के तहत हर दिन 3GB डेटा दिया जा रहा है। इस प्लान में टोटल 84GB डेटा मिलता है। यानी, वोडाफोन के प्लान में जियो से 28GB ज्यादा डेटा मिलता है। इसके अलावा, वोडाफोन के प्लान में किसी भी नंबर पर फ्री कॉलिंग का फायदा मिलता है। जबकि जियो के 249 रुपये वाले प्लान में जियो-टू-जियो कॉलिंग ही फ्री है। दूसरे नेटवर्क के नंबर पर कॉल करने के लिए प्लान में 1,000 नॉन जियो मिनट मिलते हैं।
कंपनीप्लानटोटल डेटावैलिडिटी
रिलायंस जियो249 रुपये56GB28 दिन
वोडाफोन आइडिया249 रुपये84GB28 दिन

वोडा के 399 रुपये वाले प्लान में जियो से दोगुना डेटा                              
वोडाफोन आइडिया और रिलायंस जियो के 399 रुपये वाले प्लान की तुलना करें तो दोनों प्लान की वैलिडिटी 56 दिन की है। जियो के 399 रुपये वाले प्लान में हर दिन 1.5GB डेटा मिलता है। यानी, इस प्लान में टोटल 84GB डेटा मिलता है। जबकि वोडाफोन आइडिया के 399 रुपये वाले प्लान में हर दिन 3GB डेटा दिया जा रहा है। वोडाफोन के इस प्लान में टोटल 168GB डेटा मिलता है। यानी, वोडाफोन के इस प्लान में जियो से दोगुना डेटा मिल रहा है। इसके अलावा, वोडाफोन के प्लान में किसी भी नंबर पर फ्री कॉलिंग का फायदा मिलता है। जबकि जियो के प्लान में जियो-टू-जियो कॉलिंग ही फ्री है। दूसरे नेटवर्क के नंबर पर कॉल करने के लिए जियो के प्लान में 2,000 नॉन जियो मिनट मिलते हैं।
कंपनीप्लानटोटल डेटावैलिडिटी
रिलायंस जियो399 रुपये84GB56 दिन
वोडाफोन आइडिया399 रुपये168GB56 दिन

वोडा के 599 रुपये वाले प्लान में जियो से 84GB ज्यादा डेटा
वोडाफोन आइडिया और जियो दोनों के 599 रुपये वाले प्लान में 84 दिन की वैलिडिटी मिलती है। अगर मिलने वाले डेटा की बात करें तो जियो के 599 रुपये वाले प्लान में हर दिन 2GB डेटा मिलता है। यानी, इस प्लान में टोटल 168GB डेटा मिलता है। वहीं, वोडाफोन आइडिया के 599 रुपये वाले प्लान में हर दिन 3GB डेटा मिलता है। इस हिसाब से इस प्लान में टोटल 252GB डेटा मिलता है। वोडाफोन के प्लान में 84GB ज्यादा डेटा मिलता है। वोडाफोन आइडिया के प्लान में किसी भी नंबर पर अनलिमिटेड कॉलिंग का फायदा मिलता है। जबकि जियो के 599 रुपये वाले प्लान में जियो-टू-जियो कॉलिंग ही फ्री है। दूसरे नेटवर्क के नंबर पर कॉल करने के लिए प्लान में 3,000 नॉन जियो मिनट मिलते हैं।

कंपनीप्लानटोटल डेटावैलिडिटी
रिलायंस जियो599 रुपये168GB84 दिन
वोडाफोन आइडिया599 रुपये252GB डेटा84 दिन

इसके अलावा, रिलायंस जियो और वोडाफोन आइडिया के इन तीनों प्रीपेड रिचार्ज प्लान्स में यूजर्स को हर दिन 100 SMS भेजने की सहूलियत मिलती है। जियो के इन प्लान्स में जियो ऐप्स का कॉम्प्लीमेंट्री सब्सक्रिप्शन मिलता है। वहीं, वोडाफोन आइडिया के इन प्लान में Vodafone Play और Zee5 का सब्सक्रिप्शन मिलता है।

  झारखंड में पंचायत चुनाव 2020: जनवरी से अफसरों के हाथ गाँव की सरकार, पड़ावगी केंद्रीय मदद रांची:  दिसंबर में ही राज्य में 'गांव की सरका...